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भारत और ऑस्ट्रेलिया में फाइनल की जंग आज

जब तक वो गर्भ में थे मां को लगता था कि वो जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली है लेकिन जब वो इस दुनिया में आए तो सब हैरान रह गए.

इन तस्वीरों को देखकर आप भी हैरत में पड़ सकते हैं या हो सकता है कि आप इन्हें देख भी न सकें. दो शरीर और एक सिर के साथ जन्मे ये बच्चे कुछ मिनट तक ही जीवित रहे लेकिन मेडिकल साइंस के लिए ऐसी डिलीवरी अब भी एक चुनौती बनी हुई है.

ये मामला गुजरात के राजकोट का है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में बीते शुक्रवार जन्मे इन बच्चों की मां को अब भी यकीन नहीं हो पा रहा है कि उसके बच्चे अब जीवित नहीं हैं.

अस्पताल के गाइनोकोलॉजी वॉर्ड में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर कीर्तन व्यास ने ही ऑपरेशन से ये डिलीवरी करवाई थी. व्यास का कहना है कि उन्हें पहले से ही पता था कि बच्चे ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह पाएंगे.

व्यास ने बताया कि दोनों बच्चों के दिमाग आपस में जुड़ हुए थे और सर्जरी करके दिमाग को अलग कर पाना असंभव है. परिवार को पहले ही इस जटिलता के बारे में बता दिया गया था.

व्यास ने बताया कि ये एक बहुत ही रेयर केस है. गर्भावस्था के सातवें महीने तक मां को यही पता था कि उनकी डिलीवरी नॉर्मल है और सबकुछ सामान्य है क्योंकि तब तक उसने कोई स्कैन या अल्ट्रा-साउंड नहीं कराया था.

डॉक्टरों का करना है कि ये बच्चे cephalopagus Siamese twins थे. जिसका मतलब ये हुआ कि इन बच्चों के सारे अंग तो एक-दूसरे से अलग थे लेकिन उनका सिर एक ही था. ऐसे मामलों में फर्ट‍िलाइज एग सेल पूरी तरह एक-दूसरे से अलग नहीं हो पाते हैं.

इन बच्चों की मां को बीते दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. माता-पिता ने बच्चे को रिसर्च के लिए मेडिकल कॉलेज को दे दिया है. हालांकि इस तरह की डिलीवरी का ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले 2014 में भी एक ऐसे ही बच्चे का जन्म हुआ था. ये बच्चे 20 दिन जिंदा रहे थे.

सौजंय आज तक

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