समाचार 

महिला का गैंग रेप कर नग्न अवस्था में सड़क पर फेंका, क्या है सच ?

सोशल मीडिया पर फिर एक बड़ी अफवाह फैलाई जा रही है और इस बार निशाना हैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. पिछले एक हफ्ते से फेसबुक पर लखनऊ में गैंगरेप होने की खबर शेयर की जा रही है. इस खबर के साथ एक नग्न महिला की तस्वीर है और शेयर करने वाले लोग लिख रहे हैं कि क्राइम के मामले में योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल अखिलेश यादव से भी आगे जा रहा है. कुछ लोग प्रशासनिक नाकामी के लिए योगी को कोस रहे हैं, जबकि कुछ इसके पीछे ‘भगवा गुंडों’ को दोषी ठहरा रहे हैं. चीखने और सुनने वालों की इस भीड़ में समझने वाले दूर-दूर तक नहीं दिख रहे.

 

कुछ वेबसाइट्स ने भी इस वाकये को खबरकी तरह पेश किया

 

 

इस खबर को इतना ज़्यादा शेयर किए जाने के पीछे तस्वीर की सहूलियत भी है. जो महिला बिना कपड़ों के जमीन पर पड़ी है, उसका शरीर खून से सना है. उसके आसपास भी ढेर सारा खून फैला हुआ है, जो उसी का है. इस महिला की ऐसी ढेर सारी तस्वीरें हैं, जो बेहद वीभत्स हैं. इन्हें देखना आपको डराता है कि कोई इंसान दूसरे इंसान के साथ ऐसा बर्ताव कैसे कर सकता है. दूसरा बड़ा कारण ये है कि ऐसे मामलों पर योगी ही नहीं, बल्कि किसी भी सरकार को आसानी से घेरा जा सकता है. इस अफवाह को अब तक हजारों लोग शेयर कर चुके हैं.

 

पर ये खबर नहीं, अफवाह है, क्योंकि…

क्योंकि ये मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ज़रूर है, लेकिन योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल का नहीं है. 2017 का नहीं है. ये मामला जुलाई 2014 का है, जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे. महिला की लाश मिलने पर पहली बार में ये माना गया कि उसके साथ गैंगरेप करके उसकी हत्या कर दी गई थी.

सौजंय = http://www.thelallantop.com/news/

Related News

Leave a Comment